प्यार मे फांसी || Hanging in love

प्रेमी और प्रेमिका ने प्यार के लिए लगाई फांसी

प्रेमी का नाम - पवन
प्रेमिका का नाम - कोमल

ह प्यार का सिलसिला हाई स्कूल के जमाने से शुुुुरु हुई थी, जिसका अंत महाविद्यालय के विद्यार्थी बनने के बाद होता है।

पवन 11वी कक्षा का छात्र था और कोमल 10वी कक्षा की, इन दोनो का घर एक की मोहल्ले मे हुआ करता था। पवन कोमल को कभी नोटिस नही करता था लेकिन एक दिन की बात है पवन अपने 2 मित्रो के साथ चौराहे पर शाम को खड़ा था वही 100 मीटर की दूरी पर कोमल अपने 1 सहेली के साथ गुपचुप खाने मे लगी थी। तभी पवन के 1 मित्र ने पवन को बोला देख न भाई वो लड़की कितनी खुबसूरत दिख रही है ,पवन बोला कौन सी वाली फिर उसके मित्र ने बोला जो गुपचुप खा रही है वो ,अरे उसको बोल रहा है वो तो मेरे मोहल्ले मे ही रहती है ,उसका मित्र बोला अच्छा तेरे मोहल्ले की है वो बहुत अच्छी दिख रही है तू कब तक अकेला रहेगा GF बना ले बे, पवन ने बोला नही बे मुझे नही करना है ,उसके मित्र ने बार बार बोला पर पवन नही माना फिर धीरे धीरे सभी अपने घर चले गए ।

अगले दिन सुबह सभी स्कूल जाने को Bus stand पर Bus का Wait करते है तभी पवन की बस आ जाती है वह बस मे जैसे चढने वाला रहता है उस समय पीछे से कोई छुता है और उसकी पानी बाॅटन देता है तभी पवन उसको Thank You बोलता है वो कोई और नही कोमल थी ।
फिर अब बस चलने लगती है और सभी सीट पर बैठ जाते है ,उसके बगल मे रात मे जो मित्र  GF बनाने बोल रहा था वही मित्र बैठा हुआ था ,उसके मित्र ने बोला देख बे तेरा Help कर रही है दौड़ कर साला तेरे पीछे भागी और तेरा बाॅटल दी कुछ तो होही..😃 , तभी पवन ने बोला चल बे ऐसा कुछ नही है बाॅटल भुल गया था तो उसने लाकर ही तो दिया न उसमे कौन सी बड़ी बात है, उसके मित्र ने बोला साले Bus Stop पर सैकड़ो बन्दीयाॅ(Girls) थी लेकिन उसने ही तेरा बाॅटल क्यू दिया,पवन बोला हाॅ बे तेरे बात मे दम है फिर  धीरे धीरे सभी स्कूल मे पहुंच गये।

अगली सुबह फिर से Bus Stop मे सभी Bus का wait करते है तब पवन ने कोमल को देखा और कोमल ने पवन को देखा , दोनो एक - दूसरे को देखकर हल्का Smile देते है।
 7 दिनों तक ऐसा ही एक - दूसरे को देखकर Smile देते थे। फिर 8 वें दिन पवन के मित्र ने पवन से कहा अबे ऐसा कब तक करेगा साले, तू अपने प्यार का इजहार कर क्यू नही देता वरना तेरी बन्दी किसी और से setting हो जाएगी फिर तू घास छिलना,फिर पवन ने बोला थोड़ा रुक लेते है 1-2 दिन,उसके मित्र ने बोला देख ले भाई तुझे जो सही लगे मुझे जो कहना था वो तुझे कह दिया बाकी तेरे ऊपर निर्भर करता है,पवन ने बोला ठीक है भाई ।
Sunday का दिन शाम का समय  इस दिन वहाॅ का market रहता है वही market मे कोमल अपनी सहेली के साथ और पवन अकेले बाजार मे सब्जीयाॅ लेता रहता है तभी वह दोनो आमने - सामने पहुंच आये वे एक-दूसरे को देखकर smile देते है,और Hi  & hello किए एवं वहाॅ से चले गए ।
उसके 1 दिन बाद 26 जनवरी था    उस दिन सभी स्कूल वालो का कार्यक्रम एक साथ स्टेडियम ग्राउंड मे बड़े धूमधाम के साथ मिलकर मनाते थे उस दिन ही पवन और कोमल मिलते है व साथ मे घूमते है और बहुत सारी बाते होती है वे एक - दूसरे को बहुत अच्छे से जानने लगे।
फिर अगले दिन शाम मे कोमल की सहेली और पवन साथ मे गुपचुप खाने जाते है और उनके बीच मे बहुत बातें होती हैं फिर बात करते करते ही कोमल के *जन्मदिन* के बारे मे पता चलता है और कोमल का *जन्मदिन* 2 दिन बाद ही आने वाला था, फिर वे गुपचुप खाकर अपने अपने घर चले गए ।
पवन ने उसके जन्मदिन के लिए प्लान बनाया और स्कूल के बाद मिलने को बोला था,लेकिन देर हो जाने के वजह से कोमल पवन से नही मिल पायी,फिर पवन ने कोमल को इसारे से शाम मे लगभग अंधेला हो ही गया था छत पर बुलाया और खुद उसके छत पर गया,जो gift लिया था पवन ने कोमल को दिया और लाल गुलाब तोड़कर लाया था उसे निकालकर कोमल को *मै तुम्हे चाहने लगा हू I LOVE YOU* , कोमल भी उसे चाहती थी तो कोमल न भी पवन को *I LOVE YOU TOO* बोला और एक - दूसरे के गले लग गए।
  
अगले दिन से उन दोनो के Love का Chapter शुरू हो गया और वे दोनो स्कूल के लिए निकलते तो थे स्कूल तक पहुंच कर गेट के बाहर से ही घुमने निकल जाया करते थे यह सिलसिला चलता रहा कोमल 10वी से 11वी पहुंच गई और पवन 11वी से 12वी और उन दोनो का प्यार और भी गहरा होने लगा।

कोमल के घर मे नई स्कूटी लिया था तो पवन कोमल से पार्टी के लिए बोलता है,कोमल पार्टी देने को  तैयार हो जाती है और एक दिन कोमल के घर मे कोई नही रहता है तब पवन को बुलाती है क्युकी कोमल ने चिकन और कुछ मिठाई भी लाई थी,उन दोनो ने रात को 11 बजे तक पार्टी किया और Romance भी किया फिर पवन वापिस अपने घर आ गया।

फिर इनका घुमने का सिलसिला और तेजी से शुरू हुआ,पवन के पास नया फोन आ गया था वही कोमल छुपकर अपने पापा के फोन से कभी सहेली,तो कभी टीचर, तो और ऐसे ही बहुत से बहाना बनाकर बाते करती थी।
 यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा और इनका साथ मे गुपचुप खाना और घुमना ,अब तो पवन के मित्र  भी पवन को बोलने लगे लौंडिया जिन्दगी मे क्या आई अपने दोस्तन को भुल ही गया,पवन कहता है ऐसी बात नही है,उसका दोस्त बोलता है ऐसा ही बात है,पवन बोला तुमलोग अब जैसा भी समझो वैसे भी इसकी शुरुआत तुने ही किया था, उसका दोस्त बोलता है ये बात भाई जा मजे कर और हमको भी पार्टी चाहिए,पवन बोला बिल्कुल मिलेगा  फिर सभी अपने घर जाते है।
अब पवन के वार्षिक परीक्षा भी शुरू होने को था,सिर मे थोड़ा Tension था,परीक्षा दिया फिर कुछ दिनो बाद कोमल की परीक्षा शुरू हुई,परीक्षा चला और ऐसे ही  जैसै तैसै करके परीक्षा खत्म ।
अब सभी मौज-मस्ती करने लगे और अब परीक्षा के परिणाम आये और सबके मन को डराय,परीक्षा के परिणाम आ गए पवन Third Division से उत्तीर्ण हुआ और कोमल के परीक्षा परिणाम घोषित किया गया उसके First Division आये वे दोनो को बहुत खुशी मिली ।
अब पवन महाविद्यालय मे प्रवेश लिया और कोमल 12वी कक्षा मे प्रवेश ले ली।
पवन School Bus से ही College जाता था और कोमल भी बस से ही जाती थी लेकिन कभी कभी स्कूटी मे भी जाती थी,किसी को सक न हो इसलिए पवन बीच मे ही कही उतर जाता था फिर कोमल के साथ स्कूटी मे जाता था और वे दोनो साथ साथ मे ही कभी झुमका बांध तो कभी अमृतधारा तो कभी मैनपाट इसके जैसै ही पिकनिक स्पॉट पर और मंदिरो मे भी दर्शन करने जाते थे और खूब मस्ती करते थे।
ऐसे ही पवन कालेज की और कोमल स्कूल की मस्ती और अपने जिन्दगी मे प्यार,मोहब्बत व जिन्दगी का सुख भोग रहे थे।
ऐसे ही जैसै तैसै करके सभी कक्षा खत्म हुआ और अब फिर से परीक्षा सुरू अब फिर से सभी के मन मे परीक्षा का भय,कोमल के 12वी कक्षा चलना शुरु हुआ और पवन के College की भी परीक्षा शुरु हो गई , अब धीरे धीरे करके कोमल की परीक्षा पहले खत्म हुई और पवन की बाद मे।
अब गरमी की छुट्टी हो जाती है और उन दोनो का घुमना थोड़ा कम हो गया
फिर एक दिन की बात है वे दोनो कोमल की स्कूटी मे घूम रहे थे और कोमल के घर वालो ने देख लिए, कोमल जब घर मे आई तब उसे पुछने लगे और डाटने लगे वह नाराज हो कर सो गई ।
फिर थोड़े दिन तक मिलना कम हो गया , लेकिन क्या करे बेचारे प्यार मे पड़ गए थे फिर से मिलने लगे ।
अब परीक्षा का परिणाम भी आ गया । कोमल ने 12वीं कक्षा मे Second Division से पास हुई और पवन 1st Year में 3rd Division से उत्तीर्ण हुआ।

अब कोमल 1st Year में प्रवेश ली और पवन 2nd Year में,अब वे दोनो एक ही College मे अध्ययन करने लगे।
कोमल और पवन College मे एक साथ रहते व घुमते थे ।
एक दिन की बात है पवन को उसके पिता ने कोमल के साथ स्कूटी मे घूमते हुए देख लिये,पवन घर पर पहुंचता है फिर उसके पिता पवन को तरह तरह के बाते बोलने व डांटने लगे।

एक दिन रात मे वे दोनो साथ मे एक दूसरे से गले लगकर  चुम्बन कर रहे थे तभी कोमल के पिता ने देख लिया और जब कोमल घर पहुंची तब उसको बहुत खरी - खोटी सुनाने लगे और बहुत से बाते बोले ,जिससे कि कोमल बहुत गुस्सा हो गई, बिना खाना खाए सो गई और उस दिन रात मे करीबन 2-3 am की  बात है उसने पंखे मे अपनी स्टाल (ओड़नी) को बांधकर फांसी लटक कर अपनी प्राण त्याग दी ।

सुबह दरबाजा न खोलने पर,साईड से खिड़की खोलने पर खिड़की खुली और कोमल पंखे से लटकी हुई नजर आई,यह जब पवन ने देखा तो उसके होश ही उड़ गए उसके मौत का जिम्मेदार पवन खुद को समझने लगा,2-3 दिन तक वह दर्द से भर गया था और बहुत गम मे था,उसी रात उसने भी 2:30 -03 am के लगभग पंखे मे तौलिया को बांधकर फांसी लटक कर अपना प्राण त्याग दिया।😢


                                              Writing by
                                             Mukesh sahu 

            Admin 
rockingboymk.blogspot.com 


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